अमानक स्तर की खाद खरीदने में दोषी पाए गए सहकारी बैंक के महाप्रबंधक*रमेश रैकवार उप संपादक news11 इंडिया टीवी

*अमानक स्तर की खाद खरीदने में दोषी पाए गए सहकारी बैंक के महाप्रबंधक*

रमेश रैकवार उप संपादक news 11india tv

छतरपुर। जिला सहकारी मर्यादित बैंक के महाप्रबंधक केएल रायकवार के द्वारा जिले की 113 सहकारी समितियों को जैविक उर्वरक प्रमो खाद खरीदने में कलेक्टर ने प्रथम दृष्ट दोषी पाया है। कलेक्टर ने उपपंजीयक सहकारी संस्थाए छतरपुर को पत्र लिखकर केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए लिखा है। मिली जानकारी के अनुसार जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबंधक के द्वारा 300 टन प्रमोद खाद को खरीदकर सहकारी समितियों को स्टाक करने के निर्देश दिए थे। परंतु सहकारी समिति मातगुवां में जैविक उर्वरक विषलेशण उपरांत अमानक पाया गया इसके अलावा अवैधानिक रूप से खाद हो भंडारित भी किया गया। मजेदार बात ये है कि मप्र शासन के द्वारा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा उपसंचालक कृषि को अधिकृत किया गया था। लेकिन जिले की किसी भी सहकारी समिति के द्वारा जैविक उर्वरक विक्रय हेतु लायसेंस जारी किए जाने का आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया और उसके बाद महाप्रबंधक और समिति प्रबंधकों के द्वारा शासन के आदेशों की अवहेलना कर प्रोम खाद को खरीदा गया जो कि जांच में अमानक पाई गई। कई समितियों में आज भी यह खाद रखी हुई है। जिसका दोषी कलेक्टर ने महाप्रबंधक को माना है। कलेक्टर ने अपने पत्र में डीआर को लिखा है कि इस सब के लिए महाप्रबंधक दोषी है। उसके खिलाफ शासन को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए पत्र जारी करें। कलेक्टर के पत्र के बाद सहकारी समितियों और सहकारी बैंक में हडकंप मचा हुआ है। इस संबंध में केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक से दूरभाष पर चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि खाद पूरी तरह से मानक स्तर की थी एकाद बोरी खराब होने के कारण पूरी खाद खराब नहीं है। मैं बाहर हूँ आने के बाद आपको वस्तु स्थिति से अवगत करा दूंगा। फिलहाल सहकारी बैंक में खाद घोटाला खुलने के बाद अब समिति प्रबंधक और महाप्रबंधक के बीच पत्राचार शुरु हो गया है।  

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