पीली मिट्टी बालू के अवैध खनन माफियाओं के आगे सिस्टम साबित हो रहा बौना*

*पीली मिट्टी बालू के अवैध खनन माफियाओं के आगे सिस्टम साबित हो रहा बौना*

*लगभग 3 साल से चौकी में जमे सिपाही के दम पर माफिया मिट्टी की कर रहे चोरी*

*एनजीटी के मानक व नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां आखिर कौन है जिम्मेदार*

*चांदी की खनक के आगे जिम्मेदारी भूले जवाब देह*

चौडगरा फतेहपुर जनपद के कल्यानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मौहार गांव व कांकराबाद गांव की जमीन से जुड़े एक भूखंड मैं एनजीटी के मानक व नियमों की धज्जियां लगातार उड़ाई जा रही हैं। जहां हाईटेंशन लाइन के नीचे अवैध खनन तो हुआ ही साथ ही बिजली के पोल के नीचे की मिट्टी को खोदकर तालाबी स्वरूप लगातार दिया जा रहा है बताते चलें कि भूखंड से सटे आसपास के कई गाटा संख्या में पीएनसी के नाम पर अवैध खनन किया जा रहा है।

*आखिर क्या है अवैध खनन!*

जानकारी के अनुसार आपको बताते चलें कि पीएनसी के नाम पर खनन में नियमों की आंख मूंदकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हाईटेंशन लाइन के नीचे खनन हो या फिर चकरोड के समीप खनन हो या फिर कोई और मानक हो बड़ी बूम (पोकलैंड) मशीन के साथ खनन किया जाता है। जहां मानक से अधिक खुदाई व परमिशन के नाम पर किसान के साथ एग्रीमेंट को हथियार बनाते हैं। ऊंचे , ऊंचे टीले नुमा जगहों को मानक से अधिक खुदाई कर या तो समतल कर दिया जाता है, या फिर ताला भी स्वरूप दे दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर ऐसे खनन से राज्य सरकार के राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई जाती है। जो राजस्व चोरी कहलाती है।

*जिम्मेदार निभा रहे धृतराष्ट्र की भूमिका*

आपको बताते चलें कि बुधवार की बीती रात जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के साथ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल द्वारा ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक सैकड़ा से अधिक गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की। जिससे अवैध और लोडिंग संचालकों में हड़कंप मच गया लेकिन दूसरी ओर जनपद के औंग थाना व कल्यानपुर क्षेत्र से गुजर कर लगभग आधा दर्जन से अधिक जनपदों में मौरंग की धुलाई करने वाले ओवरलोड संचालकों के खिलाफ एक भी गाड़ी के ऊपर कार्रवाई ना होने से आला अधिकारियों के कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए। इन थाना क्षेत्रों से कानपुर,रायबरेली, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी सहित कई जिलों में मोरम की सप्लाई होती है ओवरलोडिंग की कहानी मुरादीपुर से लखनऊ को जाने वाली रोड जमीनी हकीकत बयां कर रही है। लेकिन जवाब दे हम मातहतों ने जिम्मेदारी से बचने के लिए बताया कि बिना टीम के नहीं कर सकते कार्रवाई।

इस बाबत वन विभाग की ओर से हलका इंचार्ज मोहम्मद शाहिद को कई बार कॉल किया गया लेकिन नहीं उठा।

जिला खनन अधिकारी से जब इस बात को लेकर चर्चा की गई तो खनन अधिकारी ने बताया कि मौहार गांव में हो रहे खनन संबंधी हमें किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। कितने पट्टे अभी तक जारी किए गए सवाल पर बताया कि अधिक जानकारी के लिए कार्यालय से पता करें।
सुमित केशरवानी

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