सुमेरपुर हमीरपुर मे कडाके भरी ठंड में खुले आसमान के नीचे जिंदगी और मौत की जंग लड रहे पांच गौवंश,एक गौवंश को कुत्तों ने नोंच नोंच कर उतार दिया मौत के घाट

सुमेरपुर हमीरपुर मे कडाके भरी ठंड में खुले आसमान के नीचे जिंदगी और मौत की जंग लड रहे पांच गौवंश,एक गौवंश को कुत्तों ने नोंच नोंच कर उतार दिया मौत के घाट

*(ब्रजेश ओझा)*

*सुमेरपुर हमीरपुर*।अन्ना मवेशियों को सरंक्षण देने के लिए सूबे के मुखिया ने गांव गांव में गौशालाएं बनवा डालीं।और अन्ना मवेशियों के खाने पीने सहित इनके बेहतर इंतजाम करने के लिए जिम्मदारों को निर्देश दिए।पर जिम्मदारों की उदासीनता के चलते गौशालाओं में बेहतर इंतजाम नही हो सके।जिससे गौशालाओं में बंद अन्ना मवेशी हर रोज दम तोड रहा है।भूख प्यास या फिर कडाके की ठंड की चपेट में आकर यह गौवंश बीमार होता है।इसके बाद इस कडाके भरी ठंड में यह खुले आसमान के नीचे तडप तडप कर मरता है।मरने के बाद इन्हें कब्र भी नसीब नही होता इन बेजुबानों को कुत्ते नोंच नोंच कर खाते हैं।इसके बावजूद भी जिम्मेदार गौशालाओं में बेहतर इंतजाम होने का दम भरते हैं। जिम्मदारों ने इन बेजुबानों को मरने जीने की कगार पर लाकर छोड दिया है।
सुमेरपुर विकास खंड क्षेत्र के इंगोहटा गांव की गौशाला में शुक्रवार की सुबह पांच बेजुबान गौवंश बीमारी हालत में इस कडाके भरी ठंड में खुले आसमान के नीचे अपनी जिंदगी और मौत की जंग लड रहा था।पर अफसोस की इन बेजुबानों की सुध लेने वाला वहां कोई नही था।इतना ही नही एक बेजुबान को तो जीते जी ही कुत्ते नोंच रहे थे।वह बेजुबान तडप तडप कर अपनी जिंदगी की भीख मांगता रहा और कुत्ते उसे नोंचते रहे।आखिर थक हार कर उस बेजुबान गौवंश ने दम तोड ही दिया।
कडाके की ठंड यह बेजुबान बर्दाश्त नही कर पा रहे हैं या फिर भूख प्यास से यह बीमार हो रहे हैं यह तो जिम्मेदार ही जान सकते हैं।आखिर इन बेजुबानों की देखरेख में कोई न कोई कमी तो जरुर रह जाती है जिससे यह बेजुबान तडप तडप कर मरने को मजबूर है।कुछ भी हो जिम्मेदार गौशालाओं में इन बेजुबानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होने का ढिंढोरा पीटते नही चूकते हैं।
समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नही हो सका कि जो गौवंश शुक्रवार की सुबह गौशाला में तडप रहे थे उनकी मौत हुई या फिर वह अभी भी तडप रहे हैं।
इस सम्बंध में खंड विकास अधिकारी अभिमन्यु सेठ से जब फोन पर सम्पर्क करना चाहा तब गुस्साए खंड विकास अधिकारी ने खबर को फर्जी बताते हुए मानहानि आदि के मुकदमें लगवा देने की बात कहते हुए फोन काट दिया।जिलाधिकारी,अपर जिलाधिकारी सहित मुख्य विकास अधिकारी से इस सम्बंध में फोन पर बात नही हो सकी।हालांकि डीपीआरओ ने इसकी जांच करने के लिए एडीओ पंचायत को गौशाला भेजने की बात कही।

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