निजीकरण को लेकर बिजलीकर्मियों ने एक द्विवसीय हड़ताल

निजीकरण को लेकर बिजलीकर्मियों ने एक द्विवसीय हड़ताल

रिपोर्टर :- ब्रजेश अवस्थी संजय
बाँदा :- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी और अफसर आज एक द्विवसीय हड़ताल किए हैं. प्रदर्शनकारी उर्जा भवन पर जुटकर धरना दिए हैं.
बिजली वितरण निजी हाथों में सौंपने के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा, अन्यथा आंदोलन तेज करेंगे.प्रदर्शनकारियों ने बताया है कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश अनुसार हमने आंदोलन का रास्ता चुना है. विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर दक्षिणांचल के कई जिलों में कर्मचारियों और अफसरों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. निजीकरण विरोध में बिजलीकर्मी आज से हड़ताल पर है लेकिन आपूर्ति नहीं होगी प्रभावित,
सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान कर दिया और काम छोड़ हड़ताल पर चले गए. अब हमारी मांग को मानते हुए सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा.

जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता हम आन्दोलन जारी रखेंगे. इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष आर के वर्मा , इं. मोहम्मद सिद्दीकी, इं. रामलाल पाल, मोहन स्वरूप श्रीवास्तव, एहसाननुज्जमा, इं. शारदा प्रसाद ,इं. एस के मिश्र, इं. दिलीप कुमार, आलोक शर्मा, इं. राजेश श्रीवास,इं. योगेंद्र यादव, इं वैभव शुक्ल, इं. कामता प्रसाद , अजय ,सुनील, विजय, मनोज, रवि,श्यामबहादुर, पवन कुमार, महेश ,सुशील, सुमित , कमाल अहमद, महेंद्र , पप्पू रजा, कृष्णा, अशोक, अमित, श्यामधर, यशवंत ,जितेंद्र , प्रदीप सहित जिले के समस्त अभियंता, अधिकारी कर्मचारी एवं संविदा कर्मी सम्मिलित रहे ।।
बता दें कि इससे पहले भी लखनऊ, मेरठ, वाराणसी आदि शहरों में बिजली के निजीकरण को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया है.
कर्मचारियों की मांग है कि सरकार दक्षिणांचल विद्युत लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने के फैसले को वापस ले ।।।

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