चित्रकूट- वनवासी राम के तुलसी की जन्मभूमि पहुंचा ग्रामोदय विश्वविद्यालय का दल

वनवासी राम के तुलसी की जन्मभूमि पहुंचा ग्रामोदय विश्वविद्यालय का दल

तुलसी की जन्मभूमि और रत्नावली के गांव का समग्र विकास जरूरी- डॉ जे पी तिवारी

चित्रकूट। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की कर्मभूमि चित्रकूट से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित श्री राम चरित मानस के रचयिता संत तुलसीदास की जन्म भूमि तीर्थ राजापुर महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय का एक दल मानस चिंतन और नवीन खोज के लिए पहुंचा। मानस मर्मज्ञ डॉ जयप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में 10 लोगों का यह दल शनिवार को तुलसीदास जी की जन्म भूमि राजापुर और प्रभु राम के अनन्य भक्त पवनसुत हनुमानजी के धाम नांदी तौरा गया।इन स्थानों के भ्रमण के बाद
डॉ जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि तीर्थ राजापुर श्रीराम चरित मानस के रचयिता बाबा श्री तुलसीदास जी की जन्म स्थली है। बाबा तुलसी ने मानस के माध्यम से समाज को आदर्श पूर्ण जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। संस्कार से साधना एवं साधना से सिद्धि का सद मार्ग क्या होगा यह बाबा श्री तुलसी की रामचरितमानस में वर्णित है। बाबा श्री तुलसीदास जी को यह प्रेरणा अपनी धर्मपत्नी रत्नावली से मिली थी। रत्नावली का गांव बाबा तुलसीदास जी के जन्म स्थान से बहने वाली नदी यमुना के उस पार है जो वर्तमान में जिला कौशांबी , उत्तर प्रदेश में स्थित है। रत्नावली जी का मार्गदर्शन तुलसीदास जी के जीवन में उन्हें प्रभु श्रीराम कार्य के लिए प्रेरित करता है। इसलिए उनके महत्व को आत्मसात करते हुए तुलसीदास जी की जन्मभूमि से रत्नावली जी के गाँव को जोड़ना भी आवश्यक है जिससे वर्तमान पीढ़ी , रत्नावली जी के गुरुत्व भाव को भी समझ सके। इस विषय पर भी उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान जाना चाहिए। इन दिनों डॉ तिवारी, धर्म नगरी चित्रकूट में स्थित हनुमान जी के स्थलों के ऊपर विशेष एक शार्ट अध्यात्मिक फिल्म क्लिप पर कार्य कर रहे हैं। जिसमें धर्म क्षेत्र जनपद चित्रकूट के अंतर्गत हनुमान जी के सभी स्थलों का वर्णन एवं महत्व को दर्शाया जाएगा। जन्मस्थली तुलसी मंदिर में मानस के प्रधान सेवक व बाबा तुलसीदास जी के शिष्य की दसवीं पीढ़ी के वर्तमान में मानस के संरक्षक पुजारी रामाश्रय त्रिपाठी ने बाबा तुलसीदास द्वारा लिखित , संरक्षित अयोध्या कांड का दर्शन एवं मर्मज्ञ विस्तारित किया। यह दल क्षेत्र के प्रसिद्ध हनुमान स्थल नादी के हनुमान जी भी पहुंचा जहां पर वहां के प्रधान पुजारी महेंद्र दास महाराज से आशीर्वाद ग्रहण करते हुए वहां के महत्व को समझा। जिसमें प्रधान पुजारी ने बताया कि यह वह स्थान है जहां बाबा श्री तुलसीदास जी प्रतिदिन हनुमान जी का दर्शन पूजन करने राजापुर से यहां आते थे। इस दल में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संचाार विज्ञानी शुभम राय त्रिपाठी, अनिल शुक्ला, मनीष शुक्ला , संतोष सेन,पंडित सुरेंद्र कुमार मिश्रा, आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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