नई दिल्ली. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM rivendra Singh Rawat) ने रविवार को जोशीमठ

नई दिल्ली. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM rivendra Singh Rawat) ने रविवार को जोशीमठ (Joshimath) के रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई भीषण आपदा के तुरंत बाद आपदास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. घटनास्थल से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, “शुरुआती अनुमान के अनुसार लगभग 125 लोग लापता हैं. रैणी क्षेत्र के 5 लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है. सात लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.” उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए तात्कालिक रूप से 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहला उद्देश्य जान माल की सुरक्षा का है. ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट और एनटीपीसी (NTPC) अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं. क्षेत्र में एक बड़े और 4 छोटे पुलों को भी नुकसान पहुंचा है. प्रभावित लगभग 11 गांवों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिये आर्मी हेलीपैड और एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही आर्मी और राज्य सरकार के हेलिकाप्टरों की व्यवस्था की गई है.

रावत ने कहा कि रैणी के निकट नीति घाटी को जोड़ने वाले जिन सड़कों एवं पुलों को हुए नुकसान से जिन गांवों का सड़क से सम्पर्क टूट गया है, उनमें गहर, भंग्यूल, रैणी पल्ली, पैंग, लाता, सुराईथोटा, तोलमा, फगरासु गांव शामिल हैं. वहीं पुलों में रैणी में जुगजू का झूला पुल, जुवाग्वाड-सतधार झूलापुल, भग्यूल-तपोवन झूलापुल और पैंग मुरण्डा पुल बह गया है. रैणी में शिवजी और जुगजू में मां भगवती मंदिर भी आपदा में बह गए हैं. मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में हैं, खतरे वाली बात नहीं है. विद्युत परियोजना की सुरंग में मलबा अंदर तक जमा है और सुरंग तक पहुंचना अत्यंत कठिन था. मशीन का सुरंग में जाना मुश्किल था, इसलिए आईटीबीपी के जवान रोप के सहारे वहां पहुंचे. सुरंग में 35 से 40 फीट गाद जमा है. 250 मीटर लंबी इस सुरंग में अपने हौसले के जरिये जवान 150 मीटर तक पहुंच चुके हैं.

प्रधानमंत्री की हालात पर नजर
रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को जब खबर लगी तो उन्होंने फोन पर बात कर चिंता व्यक्त की और कहा कि मदद की जरूरत पड़ने पर सरकार तैयार है. प्रधानमंत्री मोदी ने मृतक आश्रितों को 02-02 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. आचार्य बालकृष्ण ने राज्य सरकार को सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार हैं और हर स्थिति में सरकार के साथ हैं. शान्तिकुंज एवं विवेकानन्द अस्पताल पीपलकोटी ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है.

जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में आई इस भीषण आपदा में बचाव और राहत कार्यों के सम्बन्ध में आईटीबीपी के कमांडेंट शेंदिल कुमार ने बताया कि आईटीबी के 250 जवान रेस्क्यू स्थल पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे हैं, जिसमें मेडिकल ऑफिसर सहित आठ अधिकारी भी शामिल हैं. एनटीपीसी पावर हाउस के आस पास के इलाके में कार्य कर रहे हैं. 10 से 15 लोग टनल में कहीं फंसे हैं, अभी अनुमान है कि ये लोग जिंदा है. इनको निकालने के प्रयास किये जा रहे हैं. गौचर में आईटीबीपी की आठवीं बटालियन की दो टीमें जिसमें 90 जवान हैं, घटनास्थल के लिए निकल चुके हैं.

40 जवानों का दल तपोवन में
कुमार ने कहा कि गौचर एवं देहरादून में एक-एक कम्पनी आदेश की प्रतीक्षा कर रही है. उत्तरकाशी में मातली एवं महिडाण्डा में भी एक-एक कम्पनी इस टास्क के लिए तैयार है. स्पेशलिस्ट माउंटेयरिंग एवं स्कीइंग इंस्टीट्यूट औली की दो टीमें तपोवन एरिया में पहुंच चुकी हैं.

सेना के कर्नल एस शंकर ने बताया कि जोशीमठ से सेना के 40 जवानों का एक दल तपोवन पहुंच गया है. एक दल जोशीमठ में है. दो सैन्य दल औली से जोशीमठ के लिए रिलीफ ऑपरेशन के लिए आ चुके हैं. रूद्रप्रयाग में दो सैन्य दल तैयार रखे गये हैं. एक इंजिनियरिंग टास्क फोर्स जोशीमठ से तपोवन पहुंच गया है. 02 मेडिकल ऑफिसर एवं दो एम्बुलेंस तपोवन पहुंच चुके हैं.

आर्मी का हैलीपैड सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए चालू है. कम्युनिकेशन के लिए सिविल लाइन चालू है. बरेली से दो हेलिकॉप्टर भी जोशीमठ पहुंच गए हैं.

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