नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले में रविवार को जोशीमठ के पास ग्लेशियर

नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले में रविवार को जोशीमठ के पास ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही मची है. ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा में आई भारी बाढ़ ने नदी किनारे रह रहे लोगों को जान और माल का जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है. बाढ़ के चलते भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है. पूरे घटना के बारे में जानिए 10 बड़ी बातें. ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 150 से ज्यादा मजदूरों के सीधे तौर पर सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है. पावर प्रोजेक्ट के प्रतिनिधियों ने राज्य आपदा प्रबंधन बल के डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल से कहा है कि प्रोजेक्ट साइट पर काम कर रहे 150 मजदूरों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.

1. राज्य के पौड़ी, टिहरी, रूद्रप्रयाग, हरिद्वार, देहरादून सहित कई जिलों को एहतियातन हाई अलर्ट पर रखा गया है. ऋषिकेश में राफ्टिंग बंद कर दी गई है. दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि श्रीनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार में पानी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक तपोवन बैराज, श्रीनगर डैम और ऋषिकेश डैम को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है.

2. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें. उन्होंने कहा कि सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और गंगा किनारे रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे नदी के तट पर ना जाएं. मुख्यमंत्री रावत ने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं.

3. अप्रत्याशित बाढ़ की आशंका में उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के मजिस्ट्रेट को हाई अलर्ट पर रखा है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि गंगा किनारे स्थित सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा जाए और 24 घंटे लगातार नदी के जलस्तर पर निगाह रखी जाए.

4. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रविवार को असम और पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने ट्वीट किया, “उत्तराखंड में हुई घटना पर लगातार नजर रखे हुए हूं. भारत, उत्तराखंड के साथ खड़ा है और देश सबके कुशल होने की कामना करता है. लगातार सीनियर अधिकारियों से संपर्क में हूं और एनडीआरएफ की तैनाती, राहत और बचाव कार्य के बारे में लगातार अपडेट मिल रहे हैं.”

5. आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमों को उत्तराखंड के प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा गया है. एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा कि जोशीमठ में राज्य आपदा प्रबंधन बल के जवान पहले से ही तैनात हैं. एनडीआरएफ के जवानों को देहरादून से जोशीमठ भेजा गया है. नई दिल्ली से एनडीआरएफ की तीन से चार टीमों को देहरादून के लिए एयरलिफ्ट किया गया है और वहां से एयरलिफ्ट करके जोशीमठ ले जाया जाएगा.

6. भारतीय सेना के अधिकारियों ने कहा कि आर्मी के 6 कॉलम यानि तकरीबन 600 जवानों को बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा जा रहा है.

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