नई दिल्ली. केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कोरोना संकट के दौरान हवाई यात्रा के किरायों पर सीमाएं निर्धारित करने को असाधारण उपाय करार दिया

नई दिल्ली. केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कोरोना संकट के दौरान हवाई यात्रा के किरायों पर सीमाएं निर्धारित करने को असाधारण उपाय करार दिया. साथ ही बताया कि उड़ान सेवाओं (Flight Services) के कोविड संकट के पहले के स्तर पर पहुंचते (Pre-Covid Level) ही हवाई किरायों से प्राइस बैंड (Price Band) खत्म कर दिया जाएगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना संकट के दौरान सभी घरेलू और अंतराष्‍ट्रीय उड़ानों को बंद कर दिया था.

‘उड़ान सेवाओं की सख्‍या एयरलाइंस करती हैं तय’
केंद्रीय मंत्री पुरी ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि नागरिक विमानन क्षेत्र (Civil Aviation Sector) 23 मार्च 2020 को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के मद्देनजर पूरी तरह बंद कर दिया गया था. इसके बाद इसे 25 मई को कई कड़ी शर्तों के साथ बहाल किया गया. उन्होंने कहा, ‘हमारा प्रयास हमेशा यही रहा है कि वास्तविक और संभावित यातायात से थोड़ा ज्‍यादा ही खोला जाए.’ उड़ान सेवाएं क्षमता के 80 फीसदी तक परिचालित नहीं किए जाने के बारे में पुरी ने कहा कि यह निर्णय एयरलाइंस वाणिज्यिक आधार पर करती हैं.

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हालात को देखते हुए जरूरी था प्राइस बैंड लागू करना
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि हवाई किरायों पर न्यूनतम और अधिकतम सीमा लगाने का कदम एक असाधारण उपाय था, जो असाधारण परिस्थिति के कारण जरूरी हो गया था. इसे इसलिए लागू किया गया था ताकि सीटों की सीमित उपलब्धता की स्थिति में एयरलाइंस यात्रियों से अनाप-शनाप किराये वसूल नहीं कर पाएं. पुरी ने कहा, ‘यह हमारी मंशा नहीं है कि फेयर बैंड कोई स्थायी विशेषता रहे. यह मुक्त और नियमनविहीन बाजार स्थिति भी नहीं हो सकती है. लिहाजा, हमें उम्मीद है कि गर्मियों तक उड़ानें कोविड संकट के पहले के स्तर पर आ जाएंगी. इसके बाद हमें प्राइस बैंड की जरूरत नहीं रह जाएगी.’

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