रांची. झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के अधीक्षक डॉ. विवेक कश्यप ने मिसाल पेश की है

रांची. झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के अधीक्षक डॉ. विवेक कश्यप ने मिसाल पेश की है. उन्होंने अपनी मां भानु गुप्ता के निधन के बाद दाह संस्कार के बजाय पार्थिव शरीर को रिम्स को दान कर दिया. गुरुवार शाम रिम्स के ट्रामा सेंटर में उनकी मां का निधन हो गया. जिसके बाद डॉ विवेक कश्यप ने अपनी मां के डेडबॉडी को दान देने का फैसला लिया. और एनाटॉमी विभाग को देहदान कर दिया.

रिम्स के निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद ने अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतरीन डॉक्टर तैयार करने में इससे मदद मिलेगी.

अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने कहा कि मां कई बीमारियों से ग्रस्त थीं और तमाम कोशिशों के बाद भी हम उन्हें नहीं बचा पाए. मां ने कष्ट झेलकर न सिर्फ उन्हें डॉक्टर बनाया, बल्कि नई पीढ़ी कैसे बेहतर डॉक्टर बने इसके लिए भी सोचती थीं. उनकी भी इच्छा थी कि मृत्यु के बाद उनका पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार न कर उसे मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए डोनेट कर दिया जाए. उनकी इच्छा के अनुरूप उन्होंने मां का शरीर दान कर दिया.

डॉ विवेक कश्यप के मुताबिक उनकी मां पिछले कई दिनों से रिम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती थीं. उन्हें क्रोनिक किडनी डिजीज, लीवर से संबंधित रोग के अलावा ओल्ड एज में होने वाली कई बीमारियां थीं. गुरुवार शाम को उनका निधन हो गया.

बता दें कि मेडिकल के छात्रों को पढ़ाई में डेडबॉडी से काफी मदद मिलती है. अक्सर अज्ञात लाशों को मेडिकल के छात्र इसके लिए इस्तेमाल करते हैं.

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