चित्रकूट.. प्रख्यात कथावाचक कात्यायनी देवी ने कहा कि कथा का उद्देश्य जन जागरण है। यह कथा भी पिछले वर्ष की / news11 इंडिया टीवी से राहुल साहू संवाददाता पहाड़ी चित्रकूट

चित्रकूट.. प्रख्यात कथावाचक कात्यायनी देवी ने कहा कि कथा का उद्देश्य जन जागरण है। यह कथा भी पिछले वर्ष की तरह माँ पयस्वनी के चरणों में समर्पित होगी जो कि सम्पूर्ण विश्व की पहली नदी है और दुर्भाग्यवश अभी कुछ वर्षों से लुप्त हो चुकी है। माँ पयस्विनी का लुप्त होना इस बात का सूचक है कि यदि हम प्रकृति को इसी तरह से भुलाते रहे, उसका अपमान करते रहे तो एक न एक दिन सभी नदियाँ विलुप्त हो जायेंगी जिनके बिना जीवन असंभव है। लगभग एक साल से हम coronavirus covid-19 से त्रस्त हैं। और इसे भयंकर जान रहें हैं लेकिन अगर हम अभी भी प्रकृति का महत्त्व न जान सकें तो हमारी बुद्धि केवल विनाशकारी ही साबित होगी। क्योंकि प्रकृति का सम्मान यदि आप नहीं करेंगे तो मानव जाती को इससे भी भयानक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
हम सब यदि मानव कल्याण की बात करते हैं तो हमें समझना होगा कि प्रकृति की सुरक्षा कितनी अनिवार्य है। यदि हमने प्रकृति का सम्मान किया होता तो सुरक्षा शब्द का प्रयोग कदाचित नहीं करना पड़ता क्योंकि इसकी गोद में ही तो हम सब पल रहें हैं। हम वृक्ष काटते जा रहें हैं और एक वृक्ष के बदले हज़ार तो छोड़ दीजिये, सौ भी दूर हैं, एक भी वृक्ष हम लगाते नहीं हैं। और हम चाहते हैं कि प्रकृति संतुलित रहे, वातावरण सौम्य रहे, नदियाँ न सूखें, आपदाएँ न आयें। हमारी ये मनोकामनाएँ तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक हम पुनः सोयी नदियों को जाग्रत नहीं करते! जब तक हम वृक्षारोपण को अपना मूल कर्त्तव्य नहीं समझते। सोयी नदी से पहले सोते हुए मानवों को जगाना यही इस कथा का मूल उद्देश्य है। मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि आवश्यकता पड़ने पर इस कार्य में माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी जी एवं शिवराज सिंह चौहान जी अवश्य दृष्टि डालकर इस कार्य को सार्थक बनाएँगे। मैं इस संकल्प को केवल चित्रकूट धाम की विजय के रूप में नहीं देखती अपितु इसे पुरे विश्व के कल्याण एवं सुरक्षा की दृष्टि से देखती हूँ। श्रीरामजी सहायक हों सभी का कल्याण हो यही मेरी प्रार्थना है।
यह नौ दिवसीय श्री राम कथा माँ पयस्वनी के उद्गम स्थान ब्रह्मकुंड (शनिमंदिर) में १६ फरवरी से २४ फरवरी तक मध्याह्न २:०० बजे से ५:०० बजे तक होगी। २५ फरवरी को दिव्य भण्डारा होगा। सभी से निवेदन है कि वे नियमों का पालन करें व सुरक्षित रहें और इस जागरण यज्ञ रूपी कथा में सहभागी बनें।
रिपोर्ट. शंकर यादव चित्रकूट

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