मध्य प्रदेश- सीधी बस हादसा: 32 सीटर बस को 138 KM सफर की कैसे मिली परमिट?* कई अन्य सवाल भी हैं…?

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*सीधी बस हादसा: 32 सीटर बस को 138 KM सफर की कैसे मिली परमिट?*
कई अन्य सवाल भी हैं…?

1- पहला सवाल ये है कि मध्य प्रदेश सरकार ने 32 सीटर बसों को अधिकतम 75 किमी के रूट का परमिट देने का नियम बनाया है. सीधी में हादसे का शिकार हुई बस भी इसी क्षमता की थी, लेकिन वह सीधी से सतना के बीच 138 किमी का सफर तय कर रही थी. नियम के खिलाफ जाकर बस को ये परमिट किसने दिया?

2- दूसरा सवाल यह है कि 32 सीटर वाली बस में 60 लोगों ठूस दिया गया है. क्या रास्ते में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस की जांच नहीं की? या बस मालिक की तरफ से महीने का खर्च दिए जाने की वजह से परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जांच करने की जहमत नहीं जुटाई? क्योंकि ओवर लोडिंग मिलने पर परिवहन विभाग के अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई के आदेश हैं. ऐसें में सवाल उठता है कि ओवर लोडिंग की अनदेखी किसने की?

3. सीधी,सतना, मैहर सहित लगभग सभी जगह कोरोना काल के पहले स्कूल बसों और वैन का भी यही हाल देखा गया है।
30-32 सीटर बस में 55-60 बच्चों को भेड़ बकरियों की तरह भर कर लाया जाता रहा है?

*क्या नए सत्र में कुछ सुधरेगा ???*
*या वही पुराना रवैया जारी रहेगा??*

*उन सभी मृत जनों का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा* ,

सरकार उनको 5 – 5 लाख दे देगी , और उन #सवालों को भी दफना दिया जाएगा जिस कारण आज ये बड़ा हादसा हुआ , आखिर

1- छुहिया घाटी में 5 दिनों से जाम क्यों लगा था ,

2- इस नहर वाली सड़क से ट्रैफिक क्यों डायवर्ट किया गया

3- शासन प्रशासन ने तत्परता पहले क्यों नहीं दिखाई

4- मंत्रियों के आते ही जाम कैसे खुल गया

5- अल्ट्रा टेक कि गाड़ियों के कारण जाम लगता है उनका क्या

6- ओवर लोडिंग बस क्यों चलती है

7- EXAM सेंटर सीधी कि जगह सतना क्यों❓
News11 इंडिया टीवी से उप संपादक रमेश रैकवार की रिपोर्ट

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