अपने परिवार के सात सदस्यों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाली शबनम की आंखों से अगर आंसू निकलते हैं तो केवल उसके बेटे ताज के लिए

देश में आजादी के बाद फांसी की सजा पाने वाली पहली महिला शबनम इस वक्त सबसे ज्यादा अगर किसी बात को सोच रही होगी तो वो निश्चित तौर पर उसके बेटे ताज से ही जुड़ी होगी। अपने परिवार के सात सदस्यों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाली शबनम की आंखों से अगर आंसू निकलते हैं तो केवल उसके बेटे ताज के लिए। ताज की परवरिश सही ढंग से हो, इसके लिए उसे गोद देने से पहले शबनम ने दो गुजारिशें की थीं, लेकिन अफसोस अब वह बात छिपी नहीं रही, जो वो अपने बेटे से छिपाए रखना चाहती थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमरोहा की रहने वाली शबनम ने अप्रैल 2008 में अपने पिता शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस, राशिद, भाभी अंजुम और दस महीने का भतीजा अर्श समेत सात सदस्यों की हत्या की थी, उस वक्त वह गर्भवती थी।

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