चित्रकूट: निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय में लटक रहे ताले खेत में जाने के लिए मजबूर गांव वाले[News 11 India TV] उप सम्पादक रमेश रैकवार]

निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय में लटक रहे ताले खेत में जाने के लिए मजबूर गांव वाले
पहाड़ी चित्रकूट पहाड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय मे लगातार ताले लटक रहे हैं मुख्यमंत्री जी द्वारा शिलान्यास तो किया गया तथा निर्माण भी करा दिया गया परंतु गांव सहित आमजन को सामुदायिक शौचालय का प्रयोग नहीं कराया जा रहा लगातार आम जनता को इधर उधर भटकना पड़ रहा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कई करोड़ रुपए लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता हित मे रखी।परंतु जिम्मेदार अफसरों के चलते आज भी स्वच्छता को लेकर आम जनता को सामुदायिक शौचालय का लाभ नहीं मिल पा रहा।बोतल लोटा खेत खलिहान का प्रयोग लगातार शहर एवं गांव के ग्रामीण कर रहे हैं।मजबूरी बस महिलाओं को खेत खलिहान शौच क्रिया के लिए जाना पड़ रहा है।सरकार की महत्वाकांक्षी सामुदायिक शौचालय योजना का लाभ आखिर क्या कारण है कि आम ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा।अनवरत सामुदायिक शौचालय में ताले लटक रहे हैं। अधिकांश निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय है परंतु विद्युत पानी की कोई व्यवस्था नहीं यहां तक की खाऊ कमाऊ नीति के चलते हल्का-फुल्का गड्ढा बनवा दिया गया शौच क्रिया के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। रिबोर नहीं कराए गए अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय का निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ। सूत्र बताते हैं कि सामुदायिक शौचालय के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है आधा अधूरा कार्य कराकर सामुदायिक शौचालय के धन की निकासी जिम्मेदार सचिवों द्वारा किया गया है।सूत्र यह भी बताते हैं कि अधिकांश सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं होने का सबसे बड़ा कारण है परसेंटेज जिम्मेदारों तक नहीं पहुंचा पाना। वित्तीय स्वीकृति के लिए जिला स्तर में फाइल लंबित है। चढ़ाऊंना नहीं पहुंचने के कारण सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधर में है। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का जिम्मेदार अधिकारियों के चलते पलीता लग रहा है। स्वच्छता के नारे जागरूकता ग्रामीणों के लिए बेकार साबित हो रहा है।सरकार जहां लोटा बोतल खेत खलिहान में शौच क्रिया बंद करने के तमामजागरूकता अभियान चला रहे हैं परंतु जिम्मेदारों के ही रहमों करम परअब तक आखिर क्यों सामुदायिक शौचालय में ताले बंद है।अब देखना है कि पहाड़ी क्षेत्र के आधे अधूरे सामुदायिक शौचालय एवं निर्माणाधीन शौचालय में लटक रहे तालों को खुलवाने के लिए जिला स्तर के अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं फिर हाल आम जनता को निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय का शौच क्रिया के प्रयोग के लिए कोई लाभ नहीं मिल रहा।इस संबंध में जब जिला पंचायत राज अधिकारी संजय पांडेय से बात की गई तो बताया कि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सामुदायिक शौचालय का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही सामुदायिक शौचालय के ताले खुलना संभव है।

[News 11 India TV]
[उप सम्पादक रमेश रैकवार]

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button 

[responsive-slider id=1864]

Related Articles

Close
Avatar