अधिकारियों की प्रताडना से परेशान ब्वायलर के प्रधान लिपिक ने किया आत्मदाह का प्रयास कानपुर। श्रमायुक्त कार्यालय उत्तर प्रदेश कानपुर , में औचक निरीक्षण से परेशान

अधिकारियों की प्रताडना से परेशान ब्वायलर के प्रधान लिपिक ने किया आत्मदाह का प्रयास
कानपुर। श्रमायुक्त कार्यालय उत्तर प्रदेश कानपुर , में औचक निरीक्षण से परेशान कार्मिक का अधिकारियों के देर से आने का वीडियो बनाने पर अधिकारियों का उस कर्मचारी का बिना किसी नियमावली का पालन करते हुए उसका द्वेष भावना से ट्रांसफर कर दिया जिससे निराश होकर श्री मोहम्मद मुस्तफा (श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश) के अधीनस्थ कर्मचारी मनोज श्रीवास्तव ने पत्र लिख कर उच्च अधिकारियों को सूचित करते हुए कार्यालय में आत्मदाह करने की कोशिश करी श्री श्रीवास्तव का कहना है कि श्रमायुक्त कार्यालय मे लोग एक ही सीट पर १०-१२ सालो से विद्यमान है जबकि नियम सिर्फ ६ साल का है इसके बावजूद उनका ट्रांसफर ना करते हुए अधिकारियों का विरोध करने पर उनका ट्रांसफर ब्वायलर प्रभाग से आईजीआरएस प्रभाग कर दिया गया जिसके कारण उन्होंने परेशान होकर आत्मदाह की कोशिश की। जबकि गौरतलब है कि विभाग के कई ऐसे घोटाले है जिस पर डी.के.सिंह व अमित कुमार मिश्रा आज तक पर्दा डालते हुए चले आ रहे है। कर्मचारी मनोज श्रीवास्तव का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा कार्यालय में समय सुनिश्चत करने के पश्चात निरीक्षण के दौरान समय पर अनुपस्थित मिले कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही की गयी। इसी बात को लेकर लिपिक मनोज श्रीवास्तव ने अगले दिन उप श्रमायुक्त डी.के. सिंह के देर से आने पर उनका वीडियो बना लिया जो उप श्रमायुक्त डी.के.सिंह को नगावर गुजरा और उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा से कह कर मनोज श्रीवास्तव का स्थानान्तरण अन्य सेक्षन में कर दिया गया। जबकि बीते कई वर्षो से एक ही कुर्सी पर जमे अन्य कर्मचारियों का स्थानान्तरण आज तक नही किया। इन सभी बातो से साफ जाहिर हो गया कि विभाग के उच्चाधिकारियों की पोल न खुल जाये इसके लिये सभी ने एक रणनीति बना कर मनोज श्रीवास्तव का स्थानान्तरण कर उन्हें मानसिक तनाव दे दिया जिसके चलते मनोज श्रीवास्तव ने कदम उठा लिया।

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